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मुझे रात अच्छी लगती है ...

Posted On: 2 Nov, 2010 Others में

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अगर रात न होती तो क्या होता
मुझे रात अच्छी लगती है
क्योंकि रात मुझे सच्ची लगती है
लो ! आज फिर रात हो गई
सपनो की बरसात हो गई
रात को ही ख्याल आते है
रात को ही सवाल आते है
ख्याल जो गुदगुदा जाते है
सवाल जो उलझा जाते है
मै सोचती हूँ रात न होती तो क्या होता
शायद किसी के मन में कोई सपना न होता
रात ही हमें सुझाती है कई अनजान रास्ते
वो रास्ते जो हमें मंजील तक पहुंचाते है
पर जाने क्यों हम ही गुम हो जाते है दिन के अँधेरे में
वो अँधेरा जो ले जाता है मंजिलो से दूर
कर देता है सपनो को चकनाचूर
पर फिर भी हम दिन में जीते है रात में सोते है
दिन में मिलते है “मै” से रात में मिलते है “हम” से
“हम” जो समेटे है सबको “मै” जो खड़ा हुआ है अकेला
दिन में हम बस भागते रहते है अपने पीछे “मै” के पीछे
“मै” ये कर लू “मै” ये पा लू
“मै” स्वार्थ में है पर “मै” यथार्थ में भी है
“मै” दिन में है रात में सो जाता है
रात में केवल “हम” होते है वहाँ हमारे साथ
टिमटिमाते तारे होते है
चमकता हुआ चाँद होता है
धीमी धीमी बहती हुई हवा होती है
पांवों को सहलाती ठंडी ज़मीन होती है
और गालो को थपकाती रात होती है …

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rajkamal के द्वारा
November 6, 2010

प्रियंका जी … सबसे पहले तो यह योगिनी के भावों वाली लेकिन एक घरेलू औरत द्वारा रचित उत्तम कविता के लिए मुबारकबाद … अ़ब बारी आती है आप से किये हुए वादे की …. यह जवाब मैं अपनी पोस्ट पे उस दिन भी दे सकता था …लेकिन आपकी पोस्ट के आने से पहले स्पष्टीकरण बताने पर इसका मकसद खत्म हो जाता .. शायद मेरी बात को चुनौती मानकर तब आप कुछ बेहतर इतना ज़ल्दी न लिख पाती … मेरे कहे हुए का असर शायद आप के किसी लेख में शायद और ज्यादा बेहतरीन रूप में सामने आये भविष्य में …

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
November 3, 2010

मुझे रात अच्छी लगती है क्योंकि रात मुझे सच्ची लगती है……. सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई………….. आपको और आपके पुरे परिवार को हमारी और से दिवाली की हार्दिक बधाई ……….. ये दिवाली आपके और आपके परिवार को ढेरों खुशियाँ दे…………..

abodhbaalak के द्वारा
November 3, 2010

प्रियंका जी, रात का बड़ा ही सुन्दर और लुभावना वर्णन किया है आपने, आपकी रचनाओं में बड़ी ही सरलता होती है, ऐसे ही लिखती रहे, http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    priyasingh के द्वारा
    November 3, 2010

    आपकी सराहना के लिए ……………धन्यवाद…………….


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