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"हूँ समर्पित आपके लिए ..."-valentine contest

Posted On: 12 Feb, 2011 Others में

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“प्रेम और प्रेम का अहसास कब आपके मन में समां जाता है ये आपको पता ही नहीं चलता ….. और किस पल कोई पराया अपना लगने लगता है सारे जग से भी प्यारा लगने लगता है ये भी एक पहेली ही है ……ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ ……. ये कविता मैंने अपनी सगाई के बाद लिखी…… प्रेम के इस उत्सव को आप सबके साथ मै भी मनाना चाहती हूँ इसलिए प्रस्तुत है प्रेम की एक पाती मेरी और से …

समर्पण प्रेम का, समर्पण विश्वास का

ये मेरा मूक समर्पण, है आपके नाम का

मेरे तन का रोम रोम, है समर्पित आपके लिए

मेरे मन के समस्त विचार, है समर्पित आपके लिए

जब से बाँधी मेरी ऊंगलियो पर, आपने अपने नाम की डोर

तबसे मेरे जीवन का पल पल है समर्पित आपके लिए

सोचती हूँ कभी कभी अपने भावनायो के इस प्रथम अहसास के लिए

दू क्या आपको, अपने आपके सिवा ……………………………

मै जानती हूँ मै इतनी अमूल्य अनमोल नहीं………………………

पर, जैसी भी हूँ , हूँ समर्पित आपके लिए ………………………….

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 13, 2011

प्रिया जी, सुन्दर भावनाओं की अभिव्यक्ति की है आपने| http://kashiwasi.jagranjunction.com

rajkamal के द्वारा
February 12, 2011

प्रिया सिंह जी ….नमस्कार ! यह देख कर खुशी हुई की आपने भी इस प्रतियोगिता में भाग लिया है …. लेकिन उसके लिए आपको कम से कम दो रचनाये भेजना जरूरी है …. और दिन बचे है सिर्फ दो ….. शुभकामनाये

rita singh 'sarjana' के द्वारा
February 12, 2011

प्रिया जी , सुन्दर भावो से सजी हैं आपकी यह रचना …….ईश्वर सदैब आपको खुसी देते रहे इसी कामना के साथ बधाई

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
February 12, 2011

सुंदर भावों से सजी इस रचना के लिए बधाई…… ओर कॉन्टेस्ट के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं……..

alkargupta1 के द्वारा
February 12, 2011

प्रिया जी , बहुत सुन्दर विचार… सही में पूर्ण समर्पण भाव में ही प्यार की अंतरंगता व एक सुखद अहसास है….! कॉन्टेस्ट के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं ! मेरे पिछले लेख ‘ प्रेम बहती नदी के धार है ‘ पर मिली आपकी प्रतिक्रिया पर यूसुफ़ और जुलेखा की कहानी सुनाने के निवेदन को पूर्ण करने का प्रयास किया है कृपया इस लिंक पर जाएँ http://alkargupta1.jagranjunction.com/2011/02/09/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0/

    priyasingh के द्वारा
    February 12, 2011

    आपकी उत्साहवर्धक टिपण्णी के लिए शुक्रिया…….

Amit Dehati के द्वारा
February 12, 2011

आदरणीय प्रिया जी ! बहुत सुन्दर रचना .कम शब्दों में बहुत कुछ कह दिया … प्यार का सही मतलब बताया बहुत सुन्दर //…..बधाई कांटेस्ट की ढेर सारी शुभकामना ! http://amitdehati.jagranjunction.com/2011/02/09/%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B8-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%86-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE/

    priyasingh के द्वारा
    February 12, 2011

    प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया ……


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